Skip to main content

Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य

Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य  -


Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

Bhangarh Fort


दोस्तों आज हम आपके साथ शेयर कर रहे है  - Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 


ऐसी जगह जहाँ पर पहले किसी की मौत हुई हो, और अब तक भी उनकी आत्मा वही पर भटकती रहती हो ऐसी जगहों पर इंसान अपने डर पर काबू नहीं कर पाता है। वैसे तो ऐसी बातो पर बहुत से लोग विश्वास नहीं करते है।पर दुनियां भर में ऐसी कही सारी कहानीयां है, जिन्हे जुटलाया नहीं जा सकता। ऐसी कहानी के बारे में आज हम आपको बातएंगे।
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

भारत का एक ऐसा किला जो दिन में तो पर्यटन स्थल रहता हे लेकिन सूरज के ढलते ही वहां पर आत्माओ का कब्ज़ा हो जाता है। राजस्थान के जयपुर शहर से कुछ किलोमीटर दूर स्तिथ इस किले को भानगढ़ किले के नाम से जाना जाता है। तो आइये जानते हे इस किले के बारे में - ( Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य )  


भानगढ़ का अतीत 

Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

भानगढ़ किला 17 वीं शताब्दी में मान सिंह के छोटे भाई राजा माधो  ने बनवाया था। उस समय राजा माधो सिंह अकबर की सेना के जनरल थे।  भानगढ़ की जनसँख्या उस समय तक़रीबन 10,000 के लगभग थी। इस किले को बहुत ही विशाल आकर में तैयार किया गया था जौ चारों तरफ से पहाड़ो से घिरा हुआ है।
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

इस किले में बेहतरीन कारीगरी की गई है , इस किले के निर्माण में मजबूत पत्थरो का प्रयोग किया गया हे जो अब तक वैसे के वैसे है।  किले में पाँच दरवाजे हे जिनमे एक मुख्य दरवाजा  है। साथ ही इस किले में भगवान शिव, हनुमान, आदि के मंदिर भी है।


कैसे बना भानगढ़ किला भूतिया 


यह किला देखने में जीतना शानदार हे उतना ही भयानक इसका अतीत है। एक प्रसिद्ध कहानी के अनुसार भानगढ़ की एक राजकुमारी थी जिनका नाम रत्नावती था जो देखने में बेहद खूबसूरत थी, उनकी खूबसूरती  के इतने चर्चे थे की देश के कोने कोने के राजकुमार उनसे  विवाह करना चाहते थे।
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

राजकुमारी 18 वर्ष की थी। कई राज्यों से उनके लिए विवाह के प्रस्ताव आ रहे थे। एक दिन वह अपनी सहलियों के साथ बाजार गई थी। वह एक इत्र की दुकान पर पहुंची और उन इत्र को हाथ में लेकर उनकी खुसबू ले रही उसी समय दुकान से कुछ ही दुरी पर से एक आदमी उन्हें गौर से देख रहा था। जिसका नाम सिघियां था और वह काले जादू में महारथी था।

Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

ऐसा कहा जाता हे की वह राजकुमारी के रूप का दीवाना था और उनसे प्रेम करता था। वह किसी भी तरह से राजकुमारी को हासिल करना चाहता था। इसीलिए उसने राजकुमारी की इत्र की बोतल पर काला  जादू कर दिया था ताकि वह उसे अपने वश में कर सके।
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 


राजकुमारी के साथ क्या हुआ 


सिघियां ने राजकुमारी के इत्र के ऊपर जादू किया था यह बात सैनिको को पता चल गई थी उन्होंने राजकुमारी को सारी बात बताई। राजकमारी ने इत्र की बोतल को कमरे से बाहर फेक दिया, जो एक बड़े पत्थर से  टकराकर टूट गई और सारा इत्र पत्थर पर लग गया इसके बाद वह पत्थर फिसलता हुआ उस काले जादूगर के ऊपर जा गिरा और उसकी मौत हो गई। मरते समय उसने श्राप दिया की इस किले में रहने वाले सभी लोग जल्द ही मर जायेंगे और उनकी आत्माऐं इसी किले में भटकती रहेगी।
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 



Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

लगभग एक साल बाद भानगढ़ और अजबगढ़ के बीच लड़ाई हुई जिसमे किले में रहने वाले सभी लोग मारे गए।यहां तक की  रत्नावती की भी मौत हो गई। काले जादूगर के श्राप से आज भी उनकी आत्माएँ उस किले में भटकती है।


लोगो का कहना 


यहाँ तक की भारत सरकार ने भी इसे भूतिया किला घोषित कर दिया है। किले के आस पास रहने वाले लोगो  ने बताया की उन्होंने तलवारों की टकरार और लोगो  की चीखो को महसूस किया है। किले के अंदर से महिलाओ के रोने या चूड़ियों के खनकने की भी आवाजे साफ सुनी जा सकती है।
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 


Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य
Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य 

किले के पिछले हिस्से में एक छोटा सा दरवाजा हे उस दरवाजे के पास बहुत ही अँधेरा रहता है वहां पर ऐसा महसूस होता है की जैसे कोई आपस में बात कर रहा हो। रात के समय किले से इत्र की खुशबू भी आती है। जो इसे और डरावना बनती है।
वैसे पता नहीं की इस कहानी में कितनी सच्चाई है पर गांव के लोगो के अनुसार ये सब सच हैं।

हम उम्मीद करते है की आपको  (Bhangarh Fort story in hindi । भानगढ़ किले का रहस्य ) पसंद आया होगा 

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

पृथ्वीराज चौहान का इतिहास । Prithviraj Chauhan History

पृथ्वीराज चौहान का इतिहास । Prithviraj Chauhan History - पृथ्वीराज चौहान,  Prithivaj Chauhan पृथ्वीराज चौहान,  Prithivaj Chauhan  एक ऐसे शूरवीर योद्धा थे, जिनके साहस और पराक्रम के किस्से इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गए हैं। जिन्होंने अपने साहस के बलबूते पर दुश्मनों को धूल चटाई थी। वे आर्कषक कद-काठी के सैन्य विद्याओं में निपुण योद्धा थे। वह चौहान राजवंश के प्रसिद्ध राजा थे।   दिल्ली पर शासन करने वाले वह आखिरी हिन्दू शासक थे। तो आइए जानते हैं पृथ्वीराज चौहान के जीवन के बारे में –  पृथ्वीराज चौहान का इतिहास । Prithviraj Chauhan History जन्म और प्रारम्भिक जीवन Early life of Prithivaj Chauhan पृथ्वीराज चौहान,  Prithivaj Chauhan  का जन्म सन 1166 में चौहान वंश में (पिता) सोमेश्वर चौहन (माता) कमलादेवी के यहाँ हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि सोमेश्वर चौहान और कमलादेवी की शादी के कई सालों बाद काफी पूजा-पाठ और मन्नत मांगने के बाद पृथ्वीराज का जन्म हुआ था। सोमेश्वर चौहान ने अपने पुत्र पृथ्वीराज के भवि...

महाराणा प्रताप का इतिहास । Maharana Pratap history in hindi

महाराणा प्रताप का इतिहास । Maharana Pratap history in hindi - Maharana Pratap  दोस्तों आज हम आपके साथ शेयर कर रहे है - महाराणा प्रताप का इतिहास ।  Maharana Pratap history in hindi जन्म और परिवार  Birth of Maharana Pratap महाराणा प्रताप Maharana Pratap का जन्म 9 मई 1540, को कुम्भलगढ़ में हुआ था। महाराणा प्रताप शिशोदिया वंश के थे। उनके पिता का नाम महाराणा उदय सिंह था, वह मेवाड़ राजवंश के 53 वें शासक थे। उदय सिंह भारत के वर्तमान राजस्थान राज्य के उदयपुर शहर के संस्थापक थे। और प्रताप की माता का नाम महारानी जयवंता बाई था। मेवाड़ के राणा उदय सिंह के 7 बच्चे थे, उनमें सबसे बड़े प्रताप सिंह थे। महाराणा प्रताप Maharana Pratap बचपन से ही साहसी और बहादुर थे। स्वाभिमान और सदाचारी व्यवहार प्रताप सिंह के मुख्य गुण थे। सभी को यकीन था कि वह बड़े होने के साथ-साथ एक बहुत ही बहादुर व्यक्ति होने जा रहे थे। महाराणा प्रताप सामान्य शिक्षा के बजाय खेल और हथियार सीखने में अधिक रुचि रखते थे और अपना ज्यादातर समय इन्ही में लगाते थे।  ...

जवाहरलाल नेहरू की जीवनी । Jawaharlal Nehru in hindi

जवाहरलाल  नेहरू  की जीवनी । Jawaharlal Nehru in hindi जवाहरलाल नेहरू Jawaharlal Nehru Jawaharlal Nehru in hindi - आज़ादी के लिये लड़ने वाले और संघर्ष करने वाले मुख्य महापुरुषों में से जवाहरलाल नेहरू Jawaharlal Nehru एक थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू  Jawaharlal Nehru  जिन्हें बच्चे आज भी चाचा नेहरू के नाम से जानते हैं, जिन्होंने अपने भाषणों से लोगो का दिल जीत लिया था। वो लोगों के दिल में बसते थे और अपने महान कार्यों के कारण आज भी बसे हुए हैं। जवाहरलाल नेहरू Jawaharlal Nehru भारत के पहले प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता के पहले और बाद में भारतीय राजनीती के मुख्य केंद्र बिंदु थे।   उन्हें गरीब दीन-दुखी लोग अपना भगवान मानते थे। उनके इस उदार भाव और लोगों के प्रति प्रेम के कारण पुरे विश्व भर में उनका नाम प्रसिद्ध है। तो आइये जानते है पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन के बारे में - जन्म और परिवार Jawaharlal Nehru B irth जवाहरलाल नेहरू Jawaharlal Nehru का जन्म 14 नवम्बर 1889 को ब्रिटिश भारत, इलाहबाद में एक कश्मीरी ब्राहाण परिवार में हुआ था।...