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अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर Akbar
मुग़लों के जीतने भी शासक हुए है उनमे से अकबर Akbar सबसे शासक था। अकबर एक बहुत ही बहादुर और शांतिप्रिय राजा था। उसे महान अकबर कहा जाता था, उसकी सबसे खास बात यह थी की उसने बचपन से ही राज्य चलाने का काम सिख लिया था।


जितने भी मुग़ल सम्राट थे के वो सभी अपने धर्म को लेकार काफी कट्टर थे लेकीन अकबर ऐसा नहीं था, वह सभी धर्मों की इज्जत करता था। उसने बेहद कुशलता के साथ अपनी सैन्य ताकत को बढाते हुए अपने राज्य का विस्तार किया और लोगो का परिचय मुस्लिम धर्म से करवाया।


वह सब के लिए एक समान ही सोचता था। अकबर Akbar की नीतियां धर्म के प्रति कट्टर नहीं थी और लोगो को धार्मिक आजादी थी। तो आइए जानते हैं अकबर के जीवन के बारे में - अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर का जन्म Birth of Akbar

अकबर Akbar का जन्म 15 अक्टूबर, 1542 को सिंध के उमरकोट जो अभी पाकिस्तान में है वहा पर हुआ। अकबर पूरा नाम जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर था। उसके पिता का नाम हुमांयू था, जिन्होंने पहले से ही मुग़ल साम्राज्य को पुरे भारत में फैला रखा था। अकबर की माँ का नाम हमीदा बानू बेगम था।


सन् 1539-40 के बिच चौसा और कन्नौज में होने वाले शेर शाह सूरी युद्ध में पराजित होने के बाद हुमांयू पश्चिम में सिंध की ओर गए, जहाँ उनकी मुलाकात हमीदा बानू बेगम से हुई जो शैख़ अली की बेटी थी, उन्होंने उससे शादी कर ली, और अगले साल ही 15 अक्टूबर 1542  को सिंध के उमरकोट में अकबर का जन्म हुआ था।
अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर का प्रारम्भिक जीवन Early Life of Akbar

अकबर Akbar के जन्म के लम्बे समय के बाद, वह अपने पुरे परिवार के साथ काबुल स्थापित हुए। जहा उनके चाचा कामरान मिर्ज़ा और अस्करी मिर्ज़ा रहते थे। उन्होंने अपना बचपन युद्ध कला सिखने, शिकार करने, लड़ने में बिताया था, जिसकी वजह से वह एक शक्तिशाली, निडर और बहादुर योद्धा बन पाया।


उन्होंने कभी पढ़ना लिखना नहीं सीखा था, वह अपना पूरा समय युद्ध कला सिखने में लगता था, उन्हें जब भी जरूरत होती तो वे अपने साथ किसी को रखते थे जिसे पढना लिखना आता हो। सन् 1551 के नवम्बर में अकबर ने काबुल की रुकैया से शादी कर ली। रुकैया उनके ही चाचा हिंदल मिर्ज़ा की बेटी थी। जो उनकी पहली और मुख्य पत्नी थी।


अकबर Akbar के पिता हुमायूं की राजगद्दी शेर शाह सूरी ने उन्हें युद्ध में हरा कर उनसे सन् 1940 में छीन ली थी। इसके बाद हुमांयू ने हिंदल मिर्ज़ा की मृत्यु के बाद सन् 1555 में उसकी जगह ले ली, जिसके बाद हुमांयू ने दिल्ली को पुनर्स्थापित किया और वहाँ उन्होंने एक विशाल सेना का निर्माण किया। इसके कुछ ही महीनो 27 जनवरी, 1556 को हुमायूँ की मृत्यु हो गयी थी।

हुमायूँ
हुमायूँ 

हुमायूँ की मौत हुई थी, उस समय अकबर Akbar बहुत छोटा था, जिसकी वजह से वह अच्छी तरह से शासन नहीं कर पाया। लेकीन उनके सेनापति बैरम खान के साथ होने की वजह से अकबर ने अपने राज्य को अच्छे से स्थापित कर लिया।


अकबर Akbar ने बैरम खान की मदद से पुरे भारत में हुकूमत की। एक बहुत सक्षम और बहादुर बादशाह होने के नाते उन्होंने पुरे भारत में और तकरीबन गोदावरी नदी के उत्तरी दिशा तक कब्ज़ा कर लिया था। इसके साथ ही बैरम खान ने पानीपत की दूसरी लड़ाई में हिंदू राजा हेमू के खिलाफ अकबर की सेना का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया।
अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर का शासनकाल Reign of Akbar

अकबर Akbar को भारत के उदार शासकों में गिना जाता है, इसके साथ ही भारत के इतिहास में अकबर के शासनकाल को काफी महत्व भी दिया गया है। अकबर पुरे इतिहास में एकमात्र ऐसा मुस्लिम शासक हे जिसने हिन्दू मुस्लिम की एकता को महत्व देकर अखण्ड भारत के निर्माण करने का प्रयास किया था।


अकबर Akbar अपनी प्रजा के लिए किसी भगवान् से कम नहीं था। प्रजा उससे बहुत प्यार करती थी, क्युकीं अकबर सदैव अपनी प्रजा की तकलीफों को जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास करता था। इसीलिए इतिहास में शहंशाह जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर Akbar को एक बहादुर, बुद्धिमान और शक्तिशाली शहंशाह माना गया है।


अकबर Akbar शासनकाल के दौरान मुग़ल साम्राज्य तीन गुना बढ़ चूका था। उसने बहुत ही प्रभावी सेना का निर्माण किया था और कई सारी राजनयिक और सामाजिक सुधारना भी लायी थी। अकबर की ताकतवर फ़ौज, राजनयिक, सांस्कृतिक धन संबंधी प्रधानता के कारण ही अकबर ने पुरे देश पर हुकूमत चलाई थी।


अकबर Akbar जिस भी राजा को युद्द में हारता उसके साथ एक अच्छा सम्बन्ध स्थापित कर लेता था, अकबर ने मुग़ल साम्राज्य को एक रूप बनाने के लिए, जितने भी प्रान्त जीते थे उनके साथ में संधि की या फिर शादी करके उनसे रिश्तेदारी की। अकबर Akbar ने खुद हिन्दू राजकुमारी जोधाबाई से विवाह किया था। इतिहास में जोधा-अकबर की प्रेम कहानी बहुत प्रसिद्ध है।


अकबर Akbar ने ऐसा इस लिए किया ताकि सभी राजा उसके साथ हो जाए, और संबंध होने के कारण कोई भी राजा गद्दारी नहीं करेगा। इसके अलावा उन प्रांतो पर हुकूमत चलाने की बजाय उनको अपने साम्राज्य का एक भाग बनाया। जिससे कई छोटे बड़े राजा अकबर की रियासतों के तौर पर गिने जाने लगे।


अकबर Akbar के राज्य में विभिन्न धर्म और संस्कृति के लोग रहते थे, और वे सभी अकबर के काम से काफी खुश थे। इसके साथ ही उसने उन सब को खुश रखने के लिए कई साडी योजनाऐं भी चलाई थी। जिसकी वजह से लोगों के मन में अकबर के लिए अच्छी भावना थी। उनका विश्वास था की अकबर एक ईमानदार और न्याय करने वाला राजा है, और अपनी प्रजा के लिए समर्पित है।


अकबरAkbar को साहित्य में काफी दिलचस्पी थी, और उसने एक पुस्तकालय की भी स्थापना की थी जिंसमे करीब 24,000 से भी अधिक संस्कृत, उर्दू, पर्शियन, ग्रीक, लैटिन, अरबी और कश्मीरी भाषा की क़िताबे थी। इसके अलावा वहाँ पर कई सारे विद्वान्, अनुवादक, कलाकार, सुलेखक, लेखक, जिल्दसाज और वाचक भी थे।


अकबर Akbar के दिल्ली, आगरा और फतेहपुर सिकरी के दरबार कला, साहित्य और शिक्षा के मुख्य केंद्र बन चुके थे। वक्त के साथ पर्शियन इस्लामिक संस्कृति भारत के संस्कृति के साथ घुल मिल गयी और उसमे एक नयी इंडो पर्शियन संस्कृति ने जन्म लिया और इसका दर्शन मुग़लकाल में बनाये गए पेंटिंग और वास्तुकला में देखने को मिलता है।

अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर Akbar जिज्ञासु और धार्मिक प्रवर्ती का व्यक्ति था। उसने किसी भी धर्म को क्षति नहीं पहुचाई, बल्कि सभी धर्मो के सभी त्योहारों का सम्मान किया और उन्हें उनका मूल्य दिया। अकबर का काल मुग़ल वास्तुकला के प्रेम के लिए जिसमे इस्लामिक, फारसी और हिन्दू कलाओं का भी मिश्रण है। उसके दरबार के कुछ खास लोगो के लिए एक अलग जगह थी। जिसमे बहुत शानदार कलाकार, इंजिनियर, संगीतज्ञ और दर्शन-शास्त्री शामिल थे।


अकबर Akbar ने सन् 1575 में फतेहपुर सीकरी में एक दीवार वाले शहर को फ़ारसी शैली में डिजाइन करने की अनुमति दी, इसके साथ ही आगरा में चर्च बनाने की भी अनुमति दी। जिसकी वजह से उसे काफी पसंद किया जाने लगा।
अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर की दरबार के नौं रत्न Nine Gems of Akbar

  1. बीरबल - दरबार के विदूषक, परम बुद्धिशाली, और बादशाह के सलहकार।
  2. फैजि -  फारसी कवि और अकबर के बेटे के गणित शिक्षक थे।
  3. अबुल फज़ल - अकबरनामा, और आईन-ए-अकबरी की रचना की थी।
  4. तानसेन - तानसेन गायक और कवि थे।
  5. अब्दुल रहीम खान-ए-खान - अकबर के पूर्व काल के संरक्षक बैरम खान के बेटे और कवी।
  6. फकीर अजिओं-दिन - अकबर के सलाहकार।
  7. टोडरमल - अकबर के वित्तमंत्री।
  8. मानसिंह - अकबर की सेना का सेनापती।
  9. मुल्लाह दो पिअजा - अकबर के सलहकार।

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अकबर का धर्म Religion of Akbar

अख़बार ने अपने आखिरी दिनों में सन् 1582 में एक नये पंथ “ दीन ए इलाही “ की स्थापना की। उसने अपने राज्य में धार्मिक एकता बनाये रखने के लिए इस्लाम और हिन्दू धर्मं को मिलाकर एक नया धर्म बनाया। इस धर्म में पारसी और क्रिस्चियन धर्म का भी कुछ हिस्सा शामिल किया था।


अकबर Akbar के दरबार में के बहुत सारे लोग भी इस धर्मं का पालन करते थे और वो अकबर को पैगम्बर भी मानते थे। बीरबल भी इस धर्मं का पालन करता था। लेकीन यह धर्म ज्यादा सफल नहीं हो सका।


दिन ए इलाही धर्म बहुत सरल, सहनशील धर्म था और उसमे केवल एक ही भगवान की पूजा की जाती थी। इसके अलावा इस धर्म में किसी जानवर को मारने पर रोक लगाई गयी थी। इस धर्म में शांति पर ज्यादा महत्व दिया जाता था। इस धर्म का न तो कोई रस्म रिवाज, ना ही कोई ग्रंथ और ना ही मंदिर या पुजारी था।
अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

अकबर की मृत्यु Akbar death

1605 के लगभग पेचिश Dysentery के कारण अकबर Akbar बीमार हो गया था, और उसके कुछ ही दिनों बाद 27 अक्तूबर 1605 को अकबर Akbar की मौत हो गयी थी। जिसके बाद उसके शव को आगरा के सिकंदरा में दफनाया गया था। 

अकबर का इतिहास । Akbar in hindi

इतिहासकरों का मानना है की अकबर Akbar भले अनपढ़ था, लेकीन उसके कौशल और नेत्रत्व की सराहना किसी अन्य पढ़े लिखे राजा से की जाये तो उसमे वो बहुत आगे था। अकबर ने अपने राज्य में कला, संगीत और लेखन को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन काम किये थे।


अकबर Akbar के कई सारे महान कामों की वजह से उसे महान सम्राट अकबर का नाम दिया गया। अकबर का मतलब होता है सबको जीत लेने वाला और अकबर ने यही किया।
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अकबर की पत्नियां Akbar's wives


  1. रुक़ाइय्याबेगम बेगम
  2. सलीमा सुल्तान बेगम
  3. मरियम उज़-ज़मानी ( जोधा बाई )
  4. बीबी सलीमा सुल्ताना
  5. बीबी खेरा
  6. बीबी मरिअम

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अकबर की संताने Children of Akbar

जहाँगीर, सुल्तान मुराद मिर्ज़ा, प्रिंस दानियाल, अराम बानो बेगम, शक्र-उन-निस्सा बेगम, खानम सुल्तान बेगम, शहज़ादी ख़ानुम, मेहरुन्निसा तानसेन, हुसैन, हसन
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हम उम्मीद करते है की आपको  (Akbar history in hindi । अकबर का इतिहास ) पसंद आया होगा 

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