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लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi
लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri

लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri एक महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत के दुसरे प्रधानमंत्री थे। उन्हें न सिर्फ एक सच्चे देशभक्त और महान स्वतंत्रता सेनानी के रुप में जाना जाता है, बल्कि उनकी छवि एक दूरदर्शी, ईमानदार और निष्ठावान राजनेता के रुप में है।


वह साहसी और इच्छशक्ति रखने वाले व्यक्ति थे। जिन्होंने अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान देश को कई संकटों से उबारा एवं देश की उन्नति एवं विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। लाल बहादुर शास्त्री, महात्मा गाँधी और पंडित जवाहर लाल नेहरु के रास्ते पर ही चलते थे।


लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri देश के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे, जिन्होंने देश को आजादी दिलवाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था, उन्होंने युद्ध के दौरान देश के साथ में लेकर जय जवान जय किसान का नारा दिया और स्वंत्रता आन्दोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।   


उन्होंने अपने जोशीले भाषणों एवं कामों से अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाषणों से भारत के लोगों के मन में देश को आज़ाद कराने का जोश जगा दिया था। यही नहीं शास्त्री जी ने दुग्ध उत्पादन की बढ़ोतरी के लिए ‘श्वेत क्रांति’को भी बढ़ावा दिया था। तो आइये जानते है लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन के बारे में - लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi


प्रारम्भिक जीवन Lal Bahadur Shastri Early life

लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता का नाम शारदा प्रसाद था जोकि प्राथमिक विधालय में अध्यापक थे। उनकी माता का नाम रामदुलारी देवी था।


शास्त्री जी श्रीवास्तव थे लेकिन बाद में इन्होने अपना उपनाम बदल कर “शास्त्री” कर लिया था। लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri के पिता ने अध्यापक की नौकरी छोड़ दी और फिर राजस्व विभाग में क्लर्क की नौकरी कर ली। गरीब होने के वाबजूद भी शारदा प्रशाद अपनी ईमानदारी और शराफत के लिए जाने जाते थे। 


लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri अपने घर में सबसे छोटे थे जिसकी वजह से परिवार वाले इनको प्यार से नन्हे कह कर बुलाते थे। उनके पिता ज्यादा दिन तक अपने बेटे के साथ नहीं रह सके, जब लाल बहादुर शास्त्री जी काफी छोटे थे तभी उनके पिता का देहांत हो गया।


पिता की मौत के बाद उनकी मां रामदुलारी जी उन्हें अपने पिता हजारी लाल के घर मिर्जापुर में ले लाईं, फिर नाना-नानी के घर ही उनका लालन-पालन हुआ।  कुछ ही दिनों के बाद उनके नाना का भी निधन हो गया। नाना के जाने के बाद शास्त्री जी अपने मौसी के घर चले आये। शास्त्री जी का पालन पोषण इनके मौसा रघुनाथ प्रसाद जी के घर हुआ।


जब लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri छः वर्ष के थे तब एक दिलचस्प घटना घटी। वे अपने स्कूल से घर आ रहे थे, रास्ते में आम का बगीचा पड़ता था। लाल बहादुर शास्त्री जी अपने दोस्तों के साथ आम तोड़ने चले गये। उनके दोस्त आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ गए जबकि लाल बहादुर निचे ही खड़े रहे।


इसी बीच माली आ गया और उसने लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri को पकड़कर डांटाना शुरू कर दिया। उन्होंने माली से निवेदन किया कि वह एक अनाथ है इसलिए उन्हें छोड़ दें। तो माली को दया आ गई। और उनको छोड़ दिया लेकिन उसने एक बात कही अनाथ हो तो अच्छे आचरण सीखो। उस बात का लाल बहादुर शास्त्री जी पर बहुत गहरा असर पड़ा। और उन्होंने बेहतर बनने की कसम खाई।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi


लाल बहादुर शास्त्री जी की शिक्षा Lal Bahadur Shastri Education

लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रारंभिक शिक्षा उनके नाना के घर रहते हुए मिर्जापुर में हुई, उसके बाद की पढाई के लिए इन्होने हरिश्चंद्र हाई स्कूल में दाखिला लिया और अपनी वहां की पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने काशी विधापीठ में अपनी पढाई पूरी की।

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

उन्होंने कशी विद्यापीठ में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। साल 1926 में काशी विद्यापीठ में ही लाल बहादुर जी को ”शास्त्री” की उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके बाद से ही उनके नाम के आगे शास्त्री जोड़ा जाने लगा।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

विवाह Marriage

सन 1928 में लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri का विवाह ललिता शास्त्री के साथ हुआ। विवाह संस्कार काफी साधारण तरीके से हुआ। शादी के बाद इनके 6 बच्चे हुए। जिनमे 2 पुत्रियाँ और 4 पुत्र थे। 

राजनैतिक करियर Lal Bahadur Shastri Political Career

1921 में जब महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन की शुरुआत की तब लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri मात्र 17 साल के थे। जब महात्मा गांधी ने युवाओं को सरकारी स्कूलों और कॉलेजों, दफ्तरों और दरबारों से बाहर आकर आजादी के लिए सब कुछ न्योछावर करने का आह्वान किया।


दूसरी तरफ लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri एक सच्चे गाँधीवादी थे। वह अपने स्नातक की पढाई पूरी करने के बाद भारत सेवा संघ से जुड़ गए, और देश की सेवा करते हुए अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत की। लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri को आन्दोलन के दौरान जेल भी जाना पड़ा पर कम उम्र के कारण उन्हें छोड़ दिया गया।


जिसके बाद लाला लाजपत राय द्वारा 1921 में शुरू की गई “द सर्वेन्ट्स ऑफ़ द पीपल सोसाइटी” से जुड़ गए। इस सोसाइटी का प्रमुख उद्देश्य उन युवाओं को प्रशिक्षित करना था जो अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित करने के लिए तैयार थे।


लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri ने गरीबो की सेवा के साथ साथ भारत के स्वंत्रता संग्राम के सभी आन्दोलनों में हिस्सा लिया और अंगेजो के खिलाफ सबके साथ डट कर खड़े रहे। 1930 में गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का आह्वान किया, इस आंदोलन के दौरान उनको गिरफ्तार कर लिया गया और ढाई साल के लिए जेल भेज दिया गया।


1939 में दूसरे विश्व युद्ध शुरू होने के बाद सन 1940 में कांग्रेस ने आजादी कि मांग करने के लिए “एक जन आंदोलन” प्रारम्भ किया। लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri को जन आंदोलन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया और एक साल के बाद रिहा किया गया।


लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri ने 1942 में गाँधी जी के नारा “करो या मरो” के नारे को चतुराई से बदल कर “मरो या मारो” में बदल कर पूरे देश में क्रांति फैला गई जिसकी वजह से शास्त्री जी को गिरफ्तार कर लिया गया।     


भारत की स्वंत्रता के बाद लाल बहादुर शास्त्री जी को सबसे पहले उत्तर प्रदेश के संसद के सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। सन 1951 में लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri को “अखिल भारतीय राष्टीय कांग्रेस” का महासचिव चुना गया। 


साल 1952 में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी ने लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri को अपने मंत्रिमंडल में रेलवे और परिवहन मंत्री के रूप में नियुक्त किया। साल 1956 में लाल बहादुर शास्त्री जी ने एक रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेलवे के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

इसके बाद साल 1961 में गोविन्द वल्लभ पंत जी की मौत के बाद उन्हें गृह मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान साल 1962 में जब भारत और चीन के बीच युद्ध चल रहा था, उस दौरान शास्त्री जी ने देश की आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखने में अपनी  महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

प्रधानमंत्री के रुप में लाल बहादुर शास्त्री जी Lal Bahadur Shastri As Prime Minister of India

लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri पंडित जवाहर लाल नेहरु जी के बहुत ही करीब और नेहरु जी के चहेते थे। सन 1964 में आचानक से नेहरु जी की मौत हो गई, जिसके बाद पार्टी के कई दिग्गज नेताओं के द्धारा सर्वसम्मति से लाल बहादुर जी को उनकी अद्भुत राजनैतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।

पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन के बारे में जानने के लिए - यहाँ दबाऐं

वहीं जिस दौरान उन्होंने देश के पीएम पद का कार्यकाल संभाला, उस दौरान हमारा देश विकट संकटों से जूझ रहा था। कुछ महीने के बाद ही पाकिस्तान ने अचानक से भारत पर हवाई हमला कर दिया था। इस परिस्थिति में शास्त्री जी ने बैठक बुलाई और अपने उन्होंने आदेश दिया की अपने देश की रक्षा करो।


शास्त्री जी ने उस वक़्त “जय जवान जय किसान” का नारा दिया।  भारत के सैनिको ने एकता से लड़ते हुए पाकिस्तान को हरा दिया। इसके साथ ही, लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri ने देश का सकुशल नेतृत्व किया एवं अपनी सूझबूझ एवं कुशल नीतियों से देश में शांति व्यवस्था को बनाए रखा।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

शास्त्री जी का नारा Lal Bahadur Shastri Slogan

लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri जब प्रधानमंत्री के रुप में देश की बागडोर संभाल रहे थे, उस दौरान खाने-पीने की चीजों की कमी थी जिसकी वजह से भारत में सामग्री आयात Import की जाती थी, तब देश नॉर्थ अमेरिका पर अनाज के लिए पूर्णत: निर्भर था।


भारत-पाकिस्तान के बीच लड़ाई के दौरान देश में भयंकर सूखा पड़ गया, तब देश के हालात को देखते हुए लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri ने सभी देशवासियों से एक दिन का व्रत रखने की अपील की और ऐसी हालत में उन्होंने ”जय जवान, जय किसान” का नारा दिया था, जो कि काफी लोकप्रिय हुआ था।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

लाल बहादुर शास्त्री जी के विचार Quotes of Lal Bahadur Shastri

लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

  • विज्ञान और विज्ञानिक कार्यो में सफलता बड़े संशाधनो से नही मिलती बल्कि उनके समस्याओ को समझने और उससे आगे बढ़कर सोचने से और कठोर परिश्रम से मिलती है।
  • हमें अपने सबसे बड़े दुश्मन गरीबी और बेरोजगारी से लड़ना चाहिए और उस पर विजय पाना चहिये। 
  • आज़ादी की रक्षा केवल सैनिकों का काम नही है, पूरे देश को मजबूत होना होगा।
  • कोई भी काम एकजुट होकर करे तो कोई भी काम आसानी से कर सकते है।
  • देश के प्रति निष्ठा सभी निष्ठाओं से पहले आती है, और यह पूर्ण निष्ठा है क्योंकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता कि बदले में उसे क्या मिलता है।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय । Lal Bahadur Shastri in hindi

लाल बहादुर शास्त्री जी की मृत्यु Lal Bahadur Shastri Death 

जनवरी 1966 में भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता के लिए ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri और अयूब खान के बीच बातचीत हुई। भारत और पाकिस्तान ने रूसी मध्यस्थता के तहत संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। संधि के तहत भारत युद्ध के दौरान कब्ज़ा किये गए सभी प्रांतो को पाकिस्तान को लौटने के लिए सहमत हुआ। 


ताशकंद समझौते की उसी रात 11 जनवरी 1966 में उनका रहस्यमयी तरीके से निधन हो गया।  माना जाता है उनको दिल का दौरा पड़ा था जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। कुछ लोग मानते हैं कि साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गई, हालांकि अभी तक उनकी मौत के रहस्य का खुलासा नहीं हो सका है। बता दें कि उनके शव का पोस्टमार्टम भी नहीं किया गया था।


मरणोपरांत लाल बहादुर शास्त्री जी के इतिहास को देखते हुए उनको “भारतरत्न” से नवाजा गया। लाल बहादुर शास्त्री Lal Bahadur Shastri भारत के पहले प्रधानमंत्री है जिनकी मृत्यु समुद्र पार (विदेशी सरजमीं) पर हुई। उनकी याद में विजय घाट का भी निर्माण किया गया।


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